Fitra kya hai
Fitra kya hai, how to pay fitra

Fitra kya hai ( what is fitra ) | इस बार फितरा की रकम 70 रूपए तय की गई।

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सदकय फितरा एक अरबी अल्फाज़ है। जो इंसान की माली हालत को बयान करता है। इस्लाम में माना जाता है सदका बहुत एहम ही जिसे उन लोगों को देना जरूरी है जो गरीबी हालत में है । फितरा इंसान पर फर्ज है जिसे रमदान मुबारक महीने में देना .

फितरा कैसे निकाला जाता है ? (How is Fitra taken out?)

फितरा निकालने के 4 तरीके है जो इस्लाम में बताए गए है ये आपकी माली हालत के हिसाब से ही बताए गए है। वो चार तरीके नीचे पढ़े।

गेहूं से –  अगर आप (example 50000) की हैसियत रखते है तो आप गेंहू के हिसाब से अपना फितर निकाल सकते है । आपको एक व्यक्ति पर 3 से 4 किलो ग्राम गेहूं की रकम देने होगी 

आप हमेसा ज्यादा ही मानकर चले जिससे अल्लाह फितरा निकालने में कोई भी कमी ना रहे जाए। 

नोट : इस बार इमाम साहब ने फितरा की रकम एक इंसान पर Rs 70 रूपए बताई है।

जौं पर – अगर आप (Example 100000) की हैसियत रखते है तो आप जौं के किलो ग्राम के हिसाब से अपना फितरा की रकम तय कर सकते है बल्कि उससे कुछ बढ़ाकर ही रखे। आप अपने नजदीकी मस्जिद में जाकर भी फितरे की रकम पता करले।

खजूर से – अगर आप middle class से उपर है तो आप फितरा की रकम खजूर से निकल सकते है । आपको नॉर्मल खजूर मार्केट में 100 रूपए तक मिल जाता है और आपको 3 से 4 किलो खजूर की रकम देने होगी।

किसमिस से – अगर आप करोड़ पति है तो फिर आप अपना फितरा किसमिस से किलोग्राम के हिसाब से निकल सकते 3 से 4 किलो किसमिस एक व्यक्ति पर ।  

फितरा की रकम निकालने का सबसे बेहतर तरीका

जब भी आप अपना या अपने परिवार में किसी भी व्यक्ति का फितरा निकले तो आप अपने एरिया में ऊपर दी गई चार चीजों में ( गेहूं, जौं, खजूर, किसमिस) जो सबसे महंगी हो उसके बराबर की रकम निकाल सकते हैं , लेकिन अपनी मलीय हैसियत के हिसाब से। 

देश विदेश और शहर के हिसाब से फितरा 

आप जिस भी सिटी या देश या विदेश में रहते है उस के नजदीक लोगो को फितरा दे और वही की Rate ke हिसाब से रकम अदा करे । लेकिन कई जगह ऐसी है जहां गरीब लोग मिस्किन लोग नही है जैसे saudi , dubai उस कंडीशन में आप दूसरे देश जैसे भारत में फितरा अदा कर सकते है।

फितरा कब अदा करना चाहिए 

आप फितरा Eidulfitri से पहले यानी ईद की नमाज़ से पहले देना होता है । By chance आप भूल जाते है तो फिर EID की नमाज़ के बाद आप फितरा दे सकते है , लेकिन ज़रूर से ज़रूर फितरा निकले ।

गरीबों तक अपना फितरा पहुंचाए 

आप अपना फितरा उन लोगो तक भी पहुंचा सकते है जो गरीब और मिसकिन है जिनके बच्चे भूख और ईद के कपड़ो के लिए या अच्छे खाने के लिए या अच्छी तालीम के लिए या फिर किसी बीमारी से निजात के लिए एक बड़ी रकम ( Amount) की ज़रूरत है । 

अगर आपके आस पास ऐसे लोग नही है या आपके पास समय नहीं है या फिर आपके पास देने के लिए बहुत कुछ है लेकिन किसे देना सही है और किसे देना गलत है ये नही पता तो आप हमारे ज़रिए उन गरीब और मिस्किनो तक अपना पैसा पहुंचा सकते है। 

नोट : हमारे ज़रिए आप अपना फितरा गरीबों तक पहुंचा सकते है ,आप हम पर एतबार कर सकते है। हम आपका पैसा उन ज़रूरतमंदो तक सही जगह देंगे । जिसका सवाब आपको अल्लाह को तरफ से मिलेगा।

How to pay Fitra ( फितरा का भुगतान )

Step 1: आप हमारे QR Code की इमेज को Download करके और अपने किसी भी UPI Scanner से इमेज में जाकर हमारे Download की gayi image को Scan करके फितरा की रकम दे सकते है।

Step 2 : UPI Payment करने के बाद आप payment का Screenshot ले सकते है और हमे Telegram Channel पर भेज सकते है ।

Step 3 : telegram पर Screenshot भेजने के बाद आपको हमारा whatsapp Number mil jayega जहा आपको आपके फितरा की रकम किस जगह भेजी गई है उसकी जानकारी हासिल हो जायेगी। लेकिन अदा करने के 3 दिन बाद।

What is Zakat? (ज़कात क्या है?)

एक लाज़मी (Mandatory) annual सदका, ज़कात का भुगतान योग्य बालिग (adult muslims) द्वारा किया जाता है जिनकी मालोदौलत एक इस्लामी (चंद्र) वर्ष के लिए निसाब मूल्य से ज्यादा है। तो उस शख्स को यह दान ज़रूरतमंद में बटाना ज़रूरी है जिससे अल्लाह (SWT) को खुश करता है। zakat का भुगतान घरेलू और दुनिया भर में सबसे ज्यादा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किया जाता है।

ज़कात के लिए कौन मुस्तहिक है? Who is entitled to Zakat?

Holy कुरान पाक में यह निर्धारित (Determined)किया कि जकात प्राप्त करने का मुस्तहिक कौन है, यह बताते हुए: “अस-सदाकत (ज़कात) केवल फुकरा (गरीबों), और अल-मसाकिन (ज़रूरतमंदों) और (zakat fund) इकट्ठा करने के लिए नियोजित लोगों के लिए है; और उन लोगों के दिलों को आकर्षित करने के लिए जिनका झुकाव (इस्लाम की ओर) हो गया है; और कैदियो को आज़ाद कराना ; और कर्ज़दार लोगों के लिए; और अल्लाह के मार्ग के लिए (अर्थात मुजाहिदुन के लिए – जो पाक जंग में लड़ रहे हैं), और पथिक के लिए (एक यात्री जो हर चीज से अलग हो गया है); अल्लाह की तरफ से फर्ज़ किया गया हो । और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, सब कुछ देखने वाला है।” – Chapter at-Tawbah Tevbe, 60

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